माता-पिता के लिए

फ़ोन पर आया संदेश सच है या धोखा?

अब कुछ करने से पहले पूछ लीजिए।

चार बातें

चार बातें याद रखिए। और कुछ नहीं।

  1. कोई भी बैंक OTP नहीं पूछता

    कोई बैंक, कोई सरकारी दफ़्तर आपसे OTP, PIN या कार्ड नंबर कभी नहीं पूछेगा — न कॉल पर, न संदेश में। जो पूछे वह चोर है, चाहे आपका नाम जानता हो।

  2. जो जल्दी कराए वह झूठा है

    "आज ही", "एक घंटे में", "खाता बंद हो जाएगा" — यह दबाव ही धोखा है। असली बैंक हफ़्तों का समय देता है और चिट्ठी भेजता है।

  3. पुलिस वीडियो कॉल पर गिरफ़्तार नहीं करती

    पुलिस या CBI वीडियो कॉल पर किसी को गिरफ़्तार नहीं करती, और केस बंद करने के लिए पैसे नहीं माँगती। स्क्रीन पर कोई कहे कि आप गिरफ़्तार हैं — फ़ोन रख दीजिए। कुछ नहीं होगा।

  4. बच्चों को बताने से मना करे तो वही ठग है

    अगर कॉल करने वाला कहे कि बेटे या बेटी को न बताएँ, तो वही धोखा है। ये सारे खेल अकेला रखने पर चलते हैं। एक को बता देने से खेल ख़त्म।

ज़रूरी नंबर

ये नंबर लिखकर फ़ोन के पास रखिए।

1930
साइबर ठगी। पैसा गया हो तो सबसे पहले यही।
112
पुलिस, दमकल, एम्बुलेंस।
1091
महिला हेल्पलाइन।
1098
चाइल्डलाइन, बच्चों के लिए।

ये सरकारी राष्ट्रीय हेल्पलाइन हैं। पहरा इन्हें ऐप के अंदर रखता है ताकि डरे हुए समय में नंबर खोजना न पड़े। बैंकों के वे नंबर हम नहीं देते जिन्हें हम बैंक से पक्का नहीं कर सके — ग़लत नंबर देना वही ठगी बन जाएगी जिससे हम बचा रहे हैं।

Money has already gone?

Do not wait for the app. Call 1930 now — the first hours decide whether a bank can still freeze the money. Then come back and we will write the complaint with you.

What to do in the first hour